सरसर सरसर आली सर
------------------------------------
सरसर सरसर आली सर
सरसर सरसर आली सर
सरसर सरसर आली सर
भरभर भरभर छत्री धर
धरू कशी ? सुटलाय वारा
छत्री उलटी झाली तर ?
सरसर सरसर आली सर
लवकर रेनकोट अंगावर
घालू कसा ? घालूनही जर
आतून सगळा भिजलो तर ?
सरसर सरसर आली सर
छत्री नको रेनकोट नको
धाराच झेलू अंगभर
पाऊस होऊ क्षणभर
सरसर सरसर आली सर
----------------------------
बिपीन
| लेखनविषय: |
|---|
वाचने
3685
प्रतिक्रिया
8
मिसळपाव
प्रतिक्रिया
जीओ बिपीन
+1
In reply to जीओ बिपीन by पाषाणभेद
रेनकोट शब्द खटकतोय. तो बदला
जीओ बिपीन
| जॉनविक्क आभारी आहे .
पाषाणभेद
छान
आभार दिलीपजी आभार !