मराठी साहित्य, संस्कृती आणि लेखनाचे व्यासपीठ

व्युत्क्रमी परिकर्म

निनाद · · जे न देखे रवी...
लेखनविषय:
व्युत्क्रमी परिकर्म स्वयं-संतुलन कच्चीजप्ती शंकुचाचणी अवसीदन। मिथ्या शस्त्रक्रिया स्व-विमोची रूपद बीजगुणन॥ दुय्यम उघाड दोलनलेखी मळसूत्रउत्परिवर्तन। वालुकाश्मी भित्ति बीज चाचणी अपवाहचक्रन॥ वैतनिकपद व्युत्क्रमी परिकर्म सदापदावर्तन। स्थूनांकन दोष अपवाह गुणांक वनसंशोधन॥ प्रतिवेदक अधिकारीसंचय वायु पुनर्मूल्यन। लालसावर प्रारणप्रतिक्षेप परिपथ प्रत्यावर्तन॥

वाचन 5053 प्रतिक्रिया 19