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देवा एक माझे | पुरवावे कोड |

देवा एक माझे | पुरवावे कोड |

Published on गुरुवार, 22/07/2010 प्रकाशित मुखपृष्ठ
देवा एक माझे | पुरवावे कोड | तुझे माझे आड | नको काही || नको कर्म कांड | नको ब्रह्म माया | येर झार वाया | संसाराची || नको बडिवार | सोवळे ओवळे | तेणे ना आकळे | सत्य तत्त्व || देवा ऐसे द्यावे | मज वरदान | नामानुसंधान | राहो सदा || तुझी श्याम मूर्ती | सदा राहो चित्ती | आणि सर्व वृत्ती | तुझे पाशी || सदाचा सन्नीध | माझ्या देव आहे | प्रेमे मज पाहे | ऐसे व्हावे || अलोट ते सुख | तुज मी स्मरावे | अंतरी राखावे | समचरण || प्रेम सागराचा | पूर तुझे दारी | सर्वत्र श्री-हरी | बाकी काय || -- सागर लहरी २२.७.२०१०
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प्रतिक्रिया 6

छान अभन्ग ! ! ! पहाट हरी वाचनाने झाली प्रसन्न वाटले !