कांगारु
कांगारूंचा संघ | मस्तीत तो दंग|
भलतेच रंग | उधळीसे ||
भारताचा संघ | होतातरी दंग |
खेळण्यात भंग | रिकी करे||
अँड्र्यूचे मर्कट | लढवी तर्कट |
त्यालाही सपोर्ट | रिकी चा ह्या||
भज्जी तोही चिडे | काढता वाभाडे |
तरीही तो नडे | रिकी बाळ ||
नसते आरोप | करती ते खूप ||
दिला मग चोप | खेळामाजी ||
वामन सचिन | करतो हैराण |
घरचे मैदान | कुठे जाशी?||
एकदिस क्रिकेट | कांगारु ते धीट |
बोले फटाफट | संपवूया ||
धोणीनेही मग | बांधला तो चंग |
पाजली ती भांग | कांगारुंना ||
दोन्ही सामन्यात | लाविली ती वाट |
रहावे चड्डीत | कांगारूंनी ||
पुरे तरी आता | बाष्कळह्या बाता |
म्हणे बोध देता| 'चतुरंगे'||
मिसळपाव