| काव्य |
वात्रटिका - पे कमिशन |
विवेकपटाईत |
| काव्य |
एक पावसातली भेट ... ! |
एकप्रवासी |
| काव्य |
वणवा |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
कर…!!! |
वटवट |
| काव्य |
सुरज (हिंदी-उर्दू रचना आणि तिचा अनुवाद) |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
| काव्य |
पाऊस हा पहिला |
माहीराज |
| काव्य |
जग हे मधुशाला |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
हायकू – एक काव्य प्रकार |
उल्का |
| काव्य |
गझल - आणि हा खेळ झाला |
वेल्लाभट |
| काव्य |
पाऊसगाणे... |
दिनेश५७ |
| काव्य |
मनातले माझ्या |
Bhagyashri sat… |
| काव्य |
.....माझा शेतकरी राजा..... |
Bhagyashri sat… |
| काव्य |
वाट! |
जव्हेरगंज |
| काव्य |
पाऊस... |
दिनेश५७ |
| काव्य |
अश्याच एका पावसाळ्या रात्री ......... |
एक एकटा एकटाच |
| काव्य |
तुझ्या नकळत |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
बंद पडलं.. |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
( एका पावसात सगळ्यानी अडकायचं ) |
अमोल केळकर |
| काव्य |
मनातले माइ्या |
Bhagyashri sat… |
| काव्य |
समाधान ! |
खेडूत |
| काव्य |
तुला देव कसं म्हणायचं? |
वेल्लाभट |
| काव्य |
मला ना तुझ्या प्रेमाचं गणितच कळत नाही, |
जगप्रवासी |
| काव्य |
सार्थक जन्म-समर्पण अर्थात नर्मदाख्यान लोककथा. |
खुशि |
| काव्य |
कविता |
आ युष्कामी |
| काव्य |
.मला मात्र पत्नी गोरी हवी.. |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
वाट पहात आहे..... |
शिव कन्या |
| काव्य |
ती आणि मी.... |
एक एकटा एकटाच |
| काव्य |
आळस |
जव्हेरगंज |
| काव्य |
राहून गेलेलं |
पिशी अबोली |
| काव्य |
तो नुसता ह्ंसायचा |
तिमा |