पंचमदा या विलक्षण प्रतिभावंताला माझीही विनम्र आदरांजली...
तात्या.
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कुछ रीत जगत की ऐसी है
हर एक सुबह की शाम हुई
तू कौन है? तेरा नाम है क्या?
सीता भी यहा बदनाम हुई!
फिर क्यो संसार की बातोंसे
भीग गये तेरे नैना?!
कुछ तो लोग कहेंगे
लोगोंका काम है केहेना
छोडो बेकार की बातों मे
कही बीत ना जाए रैना!
प्रतिक्रिया
विलक्षण प्रतिभावान!
अभिवादन
विनम्र अभिवादन