लेखनविषय (Tags)
लेखनप्रकार (Writing Type)
मंडळी आज फक्त आणि फक्त मराठीच गाण्यांची कोडी घेउन आलोय.
बघा जमतायत का ओळखायला.... :)
| क्रमांक | धून | मुखडा/ अंतरा | कानसेन | |
| ६० | अंतरा | चिंतामणी | ||
| ६१ | अंतरा | चिंतामणी | ||
| ६२ | मुखडा |
|
||
| ६३ | अंतरा | तन्वी अभ्यन्कर | ||
| ६४ | मुखडा | वल्ली | ||
| ६५ | अंतरा | प्रास | ||
| ६६ | अंतरा | मिसळपाव | ||
| ६७ | अंतरा | चिंतामणी | ||
| ६८ | अंतरा | चिंतामणी | ||
| ६९ | अंतरा | चिंतामणी | ||
| ७० | अंतरा | चिंतामणी | ||
| ७१ | अंतरा | चिंतामणी | ||
| ७२ | अंतरा | निमिष ध. | ||
| ७३ | अंतरा | छ्छुंदरसिंग/चिंतामणी | ||
| ७४ | मुखडा | निमिष ध. | ||
| ७५ | मुखडा | मेघवेडा | ||
| ७६ | मुखडा | प्रास | ||
| ७७ | मुखडा | मेघवेडा | ||
| ७८ | अंतरा | मेघवेडा | ||
| ७९ | अंतरा | निमिष ध. | ||
| ८० | मुखडा | मेघवेडा | ||
| ८१ | अंतरा | मेघवेडा | ||
| ८२ | अंतरा | अनामिक | ||
| ८३ | अंतरा | मिलिंद | ||
| ८४ | अंतरा | खेडूत | ||
| ८५ | मुखडा | खेडूत/चिंतामणी | ||
| ८६ | अंतरा | निमिष ध | ||
| ८७ | अंतरा | खेडूत | ||
| ८८ | अंतरा | खेडूत | ||
| ८९ | अंतरा | चिंतामणी | ||
| ९० | अंतरा | बहुगुणी | ||
| ९१ | अंतरा | चिंतामणी |
या खेळात भाग घेणार्या सर्व स्पर्धकांचे अनेक आभार. विजेत्यांचे अभिनंदन. धन्यवाद. :)
Book traversal links for कानसेन कोण? २०११ - ५
प्रतिक्रिया
८६ चम चम करता ..
http://www.youtube.com/watch?v=lsO0WayFf0I&feature=related
बरोबर :)
अखेरचा हा तुला दंडवत
लता दिदी आणि लता दिदी उर्फ आनंदघन
बरोबर :)
बरोबर :)
कोण्या गावाची , कुण्या नावाची
कुण्या राजाचि तु ग राणी
(संगीत आणि गाइले आहे बाबुजिंनी. पण थोडी द्विधा मनस्थीती होत आहे.
तरीही उत्तर देतो.)
आकाशी झेप घेरे पाखरा.
उत्तर चुकलय.
बहुगुणी काका तुम्ही पण चुकलात.
हे वेगळच गाणं आहे. :)
आणि अंतराच आहे हा.
देव देव्हा-यात नाही देव नाही देववालयी
झाला महार पंढरीनाथ.
सुधीर फडके आणि सुधीर फडके
या बरोबर उत्तराने या धाग्याची सांगता करतो. :)
या खेळात भाग घेणार्या सर्व स्पर्धकांचे अनेक आभार. विजेत्यांचे अभिनंदन.
धन्यवाद. :)
अर्धे उत्तर बरोबर आहे असे म्हणाला असतास तर काय बिघडले असते का? X(
बरोबर. :)
प्रकाटाआ
झुलतो बाई रास झुला ..? (लिंक तर नाही मिळाली)
हे उत्तर चुकलय.
हे बरोबर आहे :)
९०. आलि लचकत नार...
९१. अखेरचा हा तुला दंडवत....
छ्या! पुन्हा उशीर.
अरे काही कामं आहेत की नाही?
फोन येतात की नाही अधेमधे? आँ?
अरे रे .. वाचलेच नाही