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आपण सारे शिर्डीला जावूया

लेखक पाषाणभेद यांनी मंगळवार, 07/12/2010 16:54 या दिवशी प्रकाशित केले.

आपण सारे शिर्डीला जावूया

या संसारातूनी....या या संसारातूनी
थोडा वेळ काढूया....हो हो थोडातरी वेळ काढूया...
चला रे चला आपण सारे शिर्डीला जावूया
शिर्डीला जावूया ||धृ||

शिर्डीला लागले साईबाबांचे पाय हो....
साईनाथांचे पाय हो
शिर्डीवाचूनी मग दुसरा स्वर्ग असेल काय हो?
एकदातरी...
एकदातरी आपण तो स्वर्ग पाहूया
चला रे चला आपण सारे शिर्डीला जावूया
शिर्डीला जावूया ||१||

साईबाबांनी कितीतरी चमत्कार हो केले....
हो हो चमत्कार हो केले
गोरगरीबांचे कष्ट पळवून नेले
बाबांच्या दर्शनाने...
बाबांच्या दर्शनाने आपले दु:ख दुर करूया
चला रे चला आपण सारे शिर्डीला जावूया
शिर्डीला जावूया ||२||

बाबांच्या धुनीतला जाळ आजही जळतो
हो हो आजही जळतो
पारावरचा लिंब आजही बहरतो
साईबाबांची अनुभूती...
साईबाबांची अनुभूती आपणही घेवूया
चला रे चला आपण सारे शिर्डीला जावूया
शिर्डीला जावूया ||३||

- पाषाणभेद (दगडफोड्या)
०४/११/२०१०

काव्यरस
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प्रतिक्रिया

अतिशय सुंदर

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अनंतकोटी ब्रह्मांड नायक, राजाधिराज योगीराज, परब्रम्ह सत्गुरू श्री साईनाथ महाराज की जय
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