सद्गुरू माउली
अजपाचे संगती | एकारली वृत्ती |
ठाके सीता-पती | सन्निधानी ||
स्व-स्थ राहोनी | राम नाम ध्यानी |
लाभे पुण्य खाणी | आत्म वृत्ती ||
आत्मवृत्तीची कळा | प्रेमे पाही सकळा |
दिसे सर्वत्र सावळा | चरा- चरी ||
नाम जप गोडी | जरी लाभे थोडी |
साधने तोकडी | बाकी होती ||
याजन याजन | दान तीर्थाटन |
सद्गुरुवाचोन | शून्य होय ||
सद्गुरू माउली | देई नाम साउली |
तेणे लोभावली | जिव्हा माझी ||
सागर लहरी - ११.७.२०१०
सुंदर रचना!
खूप सुंदर!!
धन्यु!!
वा !
राघव जी कौतुकाबद्दल धन्यवाद
खव मधे