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घरगुती हिंसा व पोटगी

लेखक बाजीगर यांनी गुरुवार, 06/02/2025 22:52 या दिवशी प्रकाशित केले.
https://marathi.freepressjournal.in/maharashtra/court-slaps-dhananjay-m… घ्या कविता faster than instant coffee कुणाची घ्यावी बाजू, confuse झाला तराजू ।। महीना 15 लाख मागणा-या पीडीतेची, कि बीडच्या दलाल, अडत्याची !! सामाजिक न्याय मंत्री, घरगुती हिंसाचाराची जंत्री ।। एकीकडे पैसा आणि सत्ता धन अन् जय, दूसरीकडे कोर्टाने दिला, करुणामय विजय ।। द्विभार्या कायद्याचा सविनय भंग, बीडमधे सामाजिक कार्य दबंग ।। तिकडे त्रासले दादा, मित्राला वाचवायचा वादा ।। जनता पहातेय तमाशा, डेमोक्रेझी चा ढोलताशा ।।
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प्रतिक्रिया

ज़िंदगी से बड़ी सज़ा ही नहीं और क्या जुर्म है पता ही नहीं धन के हाथों बिके गये हैं सभी अब किसी जुर्म की सज़ा ही नहीं

In reply to by चौथा कोनाडा

हर तरफ़ हर जगह बेशुमार आदमी। फिर भी तनहाइयों का शिकार आदमी।। ज़िन्दगी का मुकद्दर सफर दर सफर आख़िरी सांस तक बेक़रार आदमी।। हर आदमी में होते हैं, दस बीस आदमी। जिसको भी देखना हो कई बार देखना।।