| जनातलं, मनातलं |
एक ओपन व्यथा ६ |
वटवट |
| जनातलं, मनातलं |
कॉर्पोरेट तमाशा ११- शिक्का मोर्तब. |
रन्गराव |
| जनातलं, मनातलं |
एक ओपन व्यथा ५ |
वटवट |
| जनातलं, मनातलं |
कॉर्पोरेट तमाशा १० : पहिली पार्टी |
रन्गराव |
| जनातलं, मनातलं |
एक ओपन व्यथा ४ |
वटवट |
| जनातलं, मनातलं |
कॉर्पोरेट तमाशा ९ : सेवाभावी जळू |
रन्गराव |
| जनातलं, मनातलं |
एक ओपन व्यथा ३ |
वटवट |
| जनातलं, मनातलं |
कॉर्पोरेट तमाशा ८ - विषाणूची लागण |
रन्गराव |
| जनातलं, मनातलं |
एक ओपन व्यथा २ |
वटवट |
| जनातलं, मनातलं |
कॉर्पोरेट तमाशा ७ - code of conduct |
रन्गराव |
| जनातलं, मनातलं |
एक ओपन व्यथा १ |
वटवट |
| जनातलं, मनातलं |
कॉर्पोरेट तमाशा ६ - कृपया लक्ष द्या! |
रन्गराव |
| जनातलं, मनातलं |
कोर्पोरेत तमाशा ५ : चला खेळू मिटींग मिटींग |
रन्गराव |
| जनातलं, मनातलं |
शनिवारवाडा (भाग २) : अवशेष वर्णन (तटबंदी, दरवाजे आणि नगारखाना) |
सव्यसाची |
| जनातलं, मनातलं |
कोर्पोरेट तमाशा ४: प्रथम महिला सहकारी |
रन्गराव |
| जनातलं, मनातलं |
शनिवारवाडा (भाग १) : इतिहास |
सव्यसाची |
| जनातलं, मनातलं |
कोर्पोरेट तमाशा ३: काम, तुलना आनि ध्येय |
रन्गराव |
| जनातलं, मनातलं |
कोर्पोरेट तमाशा. २ : अधिकार कि मोठेपणा? |
रन्गराव |
| जनातलं, मनातलं |
कोर्पोरेट तमाशा |
रन्गराव |
| जनातलं, मनातलं |
हझारो ख्वाहिशे ऐसी...२ |
इष्टुर फाकडा |
| जनातलं, मनातलं |
मिथुनायण भाग ३ - शेरा |
आदिजोशी |
| जनातलं, मनातलं |
मिथुनायण भाग २ - आग ही आग |
आदिजोशी |
| जनातलं, मनातलं |
मिथुनदांचा 'जस्टीस चौधरी' - म्हणजेच ओरिजिनल सरकार |
आदिजोशी |
| जनातलं, मनातलं |
निर्लज्ज व्हा - अंतिम भाग |
आदिजोशी |
| जनातलं, मनातलं |
(बायकांनो तुम्ही सुद्धा) निर्लज्ज व्हा - भाग ४ |
आदिजोशी |
| जनातलं, मनातलं |
निर्लज्ज व्हा - भाग ३ |
आदिजोशी |
| जनातलं, मनातलं |
निर्लज्ज व्हा - भाग २ |
आदिजोशी |
| जनातलं, मनातलं |
निर्लज्ज व्हा |
आदिजोशी |
| जनातलं, मनातलं |
मोजमापं आणि त्रुटी - २ |
राजेश घासकडवी |
| जनातलं, मनातलं |
मोजमापं आणि त्रुटी - १ |
राजेश घासकडवी |