| जनातलं, मनातलं |
नवरात्र जल जागर : माळ दुसरी . |
नाखु |
| जनातलं, मनातलं |
नव रात्र जल जागर : माळ पहिली. |
नाखु |
| जे न देखे रवी... |
हायकु (कायकु)-२ |
नाखु |
| जे न देखे रवी... |
"हाय"कू |
नाखु |
| जनातलं, मनातलं |
अळवावरचे पाणी (नागपूर डायरी-२) |
अरुण मनोहर |
| जनातलं, मनातलं |
अळवावरचे पाणी (नागपूर डायरी) |
अरुण मनोहर |
| जे न देखे रवी... |
५. सोनेरी क्षणांची राजभेट... |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
४. कोवळे झुंबर |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
३. स्पर्शगंध .. |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
२. स्वप्नमेघातील चांदणं |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
१. पहिल्या भेटीचा सुगंध |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
निसर्गकविता ४: पाऊस |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
निसर्गकविता ३: कोसळल्या सरी.. दूर डोंगरमाथी... |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
निसर्गकविता २ : प्रिय प्राजक्त |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
निसर्गकविता १ : झाडांच्या पानात (गीता सहित) |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
५. दुष्काळ झळा ... रानातली वाट.. |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
शिवार पिकल उद्या ... (समाप्त... रानातील वाट..) |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
टिपुर आशेचं दाणं ... रानातली वाट...... |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
काळ्याशार भुईवर हिरवी क्रांती |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
आभाळाच्या मांडवाला भुई ची रे हाक |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
बोल ना रे बाबा काही ..४ ( समाप्त ) |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
नको येवुस कविते( ३) |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
नको बोलु बाबा काही |
गणेशा |
| काथ्याकूट |
बाबा वाक्यं प्रमाणम....२ भिकारी.... |
मुक्त विहारि |
| जे न देखे रवी... |
हरवली पोर माझी कविता नावाची ! |
गणेशा |
| जनातलं, मनातलं |
बाबा वाक्यं प्रमाणं.... भाग १... |
मुक्त विहारि |
| जे न देखे रवी... |
५ : मी ..एक स्त्री |
गणेशा |
| पाककृती |
आरोग्यवर्धक पा. क्रु. क्रमांक ३ .... तंबीटाचे लाडू...... |
मुक्त विहारि |
| जे न देखे रवी... |
४ : वर्तुळ.. गती..परीघ.. |
गणेशा |
| पाककृती |
आरोग्यवर्धक पाकक्रुती... भाग २ ... आल्याच्या वड्या....... |
मुक्त विहारि |