कर्नाटक राज्यातील मतदार कोणत्याही लाटेचा परिणाम न होऊ देता मतदान करतात असा गेल्या २५ वर्षातला इतिहास आहे. त्यामुळे हे राज्य निकालांचा अंदाज व्यक्त करायला त्यामानाने कठिण आहे.
सुरवातीला कर्नाटकात २००८ च्या विधानसभा आणि २००९ च्या लोकसभा निवडणुकांमध्ये काय झाले हे बघू.
तक्ता क्रमांक १
तक्ता क्रमांक १ वरून खालील गोष्टी कळतात
१. मे २००८ च्या विधानसभा निवडणुकांमध्ये भाजपला कॉंग्रेसपेक्षा कमी मते मिळाली.तरीही भाजपची मते जास्त प्रमाणात एकवटल्यामुळे भाजपला विधानसभेत ११० जागा मिळाल्या तर कॉंग्रेसला ८० जागांवर समाधान मानावे लागले.जनता दल (ध) ने राज्याच्या दक्षिण भागात (म्हैसूर, मंड्या, चामराजनगर, हसन) बऱ्यापैकी जागा मिळवल्या.
२. भाजपला विधानसभा निवडणुकांमध्ये विजय मिळाला असला तरी २८ पैकी १० लोकसभा मतदारसंघांमध्ये आघाडी मिळाली, कॉंग्रेसला १४ तर जनता दल (ध) ला ४ लोकसभा मतदारसंघांमध्ये आघाडी मिळाली.
३. लोकसभा निवडणुकांमध्ये प्रादेशिक पक्ष आणि इतरांना मिळणारी मते कमी होतात आणि ती राष्ट्रीय पक्षांकडे वळतात हा कल कर्नाटकात २००९ च्या लोकसभा निवडणुकांमध्ये बघायला मिळाला. जनता दल(ध) आणि इतरांची मते ३१.३% वरून १०.५% ने कमी होऊन २०.८% झाली. जनता दल (ध) ने दोन तगडे उमेदवार (हसनमधून माजी पंतप्रधान एच.डी.देवेगौडा आणि बंगलोर ग्रामीणमधून माजी मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी) उभे केले होते.त्यांनी अर्थातच विजय मिळवला.पण या प्रक्रीयेत जनता दल (ध) ची मते अन्यथा कमी झाली असती तितक्या प्रमाणावर कमी झाली नाहीत.
४. जनता दल(ध) आणि इतर यांच्या कमी झालेल्या १०.५% मतांपैकी भाजपने ७.७% मते आपल्याकडे खेचली तर कॉंग्रेसने २.८%. भाजपने आपल्याकडे जास्त मते खेचल्यामुळे पक्षाने २८ पैकी १९ जागांवर विजय मिळवला, कॉंग्रेसने ६ तर जनता दल (ध) ने ३ जागा जिंकल्या.
या पार्श्वभूमीवर २०१३ च्या विधानसभा निवडणुकांमध्ये काय झाले ते बघू.
तक्ता क्रमांक २
२०१३ च्या विधानसभा निवडणुकांमध्ये आपल्याला पुढील गोष्टी बघायला मिळाल्या:
१. २००८ च्या विधानसभा निवडणुकांच्या तुलनेत कॉंग्रेसची मते २.७% ने वाढली.पण भाजपचे माजी मुख्यमंत्री बी.एस.येडियुराप्पा यांच्या कर्नाटक जनता पक्षाने आणि बी.श्रीरामुलू यांच्या बी.एस.आर कॉंग्रेस पक्षाने नुकसान केले.
२. विधानसभा मतदारसंघात मिळालेल्या मतांची मते एकत्रित केल्यास कॉंग्रेसला २२ जागांवर आघाडी होती तर भाजपला २ तर जनता दल (ध) ला ४ जागांवर आघाडी होती. यावेळी येडियुराप्पा आणि श्रीरामुलू दोघेही भाजपमध्ये परत आले आहेत.तक्ता क्रमांक ३ मध्ये भाजपच्या मतांमध्ये त्यांच्या पक्षांची मते एकत्र केली तर कोणते चित्र दिसेल हे पण दिले आहे.
तक्ता क्रमांक ३
तक्ता क्रमांक ३ वरून आपल्याला समजते की कर्नाटक जनता पक्ष आणि बी.एस.आर. कॉंग्रेसची मते भाजपच्या मतांमध्ये एकत्र केल्यास कॉंग्रेसला १४, भाजपला ११ तर जनता दल (धर्मनिरपेक्ष) ला ३ लोकसभा मतदारसंघांमध्ये आघाडी मिळेल.
माझे लोकसभा २०१४ साठीचे कर्नाटकातील अंदाज
१. सर्वप्रथम एक गोष्ट स्पष्ट केली पाहिजे की पूर्वीपासून कर्नाटकात भाजपची कामगिरी लोकसभा निवडणुकांमध्ये विधानसभा निवडणुकांपेक्षा बरीच जास्त चांगली असते.यावेळीही या कलाला अपवाद होईल असे मला तरी वाटत नाही.तेव्हा भाजपचा मागच्या वर्षी विधानसभा निवडणुकांमध्ये धुव्वा उडाला त्यापेक्षा भाजपची परिस्थिती बरीच चांगली असेल. तरीही या दोन पक्षांची सगळी मते भाजपला मिळणार नाहीत. (कारण खाली दिले आहे)
२. जनता दल(धर्मनिरपेक्ष) आणि इतरांची किमान १२% मते कमी होतील असे धरतो.कर्नाटकात सिध्दरामय्यांचे सरकार एक वर्षच जुने आहे.तसेच कर्नाटकात मतदार राष्ट्रीय कलाविरूध्द मत देतात हा इतिहास आहे.हा इतिहास कायम राहिल असे गृहित धरतो.त्यामुळे या १२% पैकी ८% मते कॉंग्रेसला तर ४% मते भाजपकडे वळतील असे गृहित धरतो. येडियुराप्पा आणि श्रीरामुलू या भ्रष्ट नेत्यांच्या पुनरागमनामुळे भाजपचे आणखी नुकसान व्हायची शक्यता आहे.बहुदा यातील मते आआप किंवा नोटाला जातील.
काही मतदारसंघांबद्दलचे अंदाज
१. गुलबर्गामधून काँग्रेसचे उमेदवार आणि रेल्वेमंत्री मल्लिकार्जुन खार्गेंना हरविणे कठिण आहे.
२. चिकबाळापूरमधून कॉंग्रेसचे माजी मुख्यमंत्री आणि केंद्रिय मंत्री विरप्पा मोईली विरूध्द जनता दल (धर्मनिरपेक्ष)चे दुसरे माजी मुख्यमंत्री आणि देवेगौडापुत्र एच.डी.कुमारस्वामी यांच्यात लढत आहे. कुमारस्वामींनी बंगलोर ग्रामीण मतदारसंघ सोडून चूक केली असे दिसत आहे. चिकबाळापूर हा कॉंग्रेसचा बालेकिल्ला आहे.तिथून कॉंग्रेसचा आणि त्यातून विरप्पा मोईलींचा पराभव होणे जरा कठिणच वाटते.
३. बिदरमध्ये कॉंग्रेसचे माजी मुख्यमंत्री धरमसिंग यांना लढत तितकी सोपी जाईल असे वाटत नाही तरीही त्यांचा पराभव होईल असे मला तरी वाटत नाही.
४. बंगलोर शहरातील तीन मतदारसंघांमध्ये भाजपची पिछेहाट २०१३ च्या विधानसभा निवडणुकांच्या वेळीच झाली होती.त्यातून येडियुराप्पा आणि श्रीरामुलू यांना पक्षात परत घेतल्याचा फटका भाजपला सगळ्यात जास्त बंगलोरमध्ये बसेल असे मला वाटते.त्यातून आआपने बंगलोर शहरात इन्फोसिसचे बालाकृष्णन सारखा एक ओळखीचा उमेदवार दिला आहे. बाकीचे उमेदवारही स्थानिक पातळीवर अगदी अनोळखी नाहीत.ते उमेदवार विजयी होतील असे वाटत नाही.पण कर्नाटकमध्ये ’जास्त भ्रष्ट’ समजल्या जाणाऱ्या भाजपची मते खाईल हे नक्की.तेव्हा बंगलोरमधील तीनही मतदारसंघांमधून कॉंग्रेसचे उमेदवार विजयी होतील असे वाटते. अगदी माजी मुख्यमंत्री डी.व्ही.सदानंद गौडा सुध्दा पक्षाला बंगलोर उत्तरमधून विजय मिळवून देतील असे वाटत नाही.
५. बेळगाव आणि चिक्कोडीमधून भाजपला विजय मिळवायला जड जाऊ नये. चिक्कोडीमध्ये कॉंग्रेसने कर्नाटकचे मंत्री प्रकाश हुक्केरी यांना उमेदवारी दिली आहे. तरीही राज्याच्या उत्तर भागात भाजप शक्तीशाली आहे.तेव्हा भाजपला विजय मिळवणे कठिण जाऊ नये.
६. उडुपी चिकमागळूर मतदारसंघ इंटरेस्टिंग आहे.या मतदारसंघातून २००९ मध्ये भाजपचे डी.व्ही.सदानंद गौडा निवडून गेले होते.२०११ मध्ये ते बी.एस.येडियुराप्पांनंतर मुख्यमंत्री झाले.त्या जागेवर झालेल्या पोटनिवडणुकीत कॉंग्रेसचे जयप्रकाश हेगडे निवडून आले.कॉंग्रेसकडून यावेळी तेच उमेदवार आहेत.तर भाजपकडून येडियुराप्पांच्या सहकारी शोभा करंदलाजे यांना उमेदवारी मिळाली आहे.तर जनता दल (ध) कडून व्ही.धनंजय कुमार उमेदवार आहेत. धनंजय कुमार यांनी मंगलोरमधून (पुनर्रचनेपूर्वी हा मतदारसंघ मंगलोर मतदारसंघ होता) चार वेळा भाजपचे उमेदवार म्हणून निवडून गेले होते.ते येडियुराप्पांबरोबर पक्षातून बाहेर पडून कर्नाटक जनता पक्षात सामील झाले.स्वत: येडियुराप्पा स्वगृही परतले पण धनंजय कुमार परतले नाहीत.ते आता जनता दल (ध) चे उमेदवार आहेत. कर्नाटकच्या किनारपट्टी प्रदेशात भाजप बराच बळकट आहे. शोभा करंदलाजे मुळातल्या याच भागातल्या.२०१२ च्या पोटनिवडणुकीत भाजपने फारसा परिचित नसलेला उमेदवार दिला होता.पण आता तसे नाही.जनता दल(ध) किनारपट्टीच्या प्रदेशात फारसा शक्तीशाली नाही.तेव्हा ही जागा भाजप जिंकेल असे मला वाटते.
७. बेल्लारी: या मतदारसंघातून भाजपचे बी.श्रीरामुलू निवडून येतील असे वाटते.
८. शिमोगा: या मतदारसंघातून भाजपचे बी.एस.येडियुराप्पा निवडून येतील असे वाटते.
९. हसन: या मतदारसंघातून जनता दल(ध) चे उमेदवार आणि माजी पंतप्रधान एच.डी.देवेगौडा यांना निवडून यायला फार त्रास होऊ नये.
१०. कोलार: या मतदारसंघात विधानसभा निवडणुकांच्या वेळी जनता दल(ध) पक्ष पुढे होता.पण केंद्रिय मंत्री के.एच.मुनीअप्पा हे कॉंग्रेसचे उमेदवार आहेत. ते १९९१ पासून निवडून येत आहेत.यावेळीही त्यांचा पराभव होईल असे वाटत नाही.
तेव्हा कर्नाटक राज्याविषयीचे माझे अंदाज पुढीलप्रमाणे
| कर्नाटक | २००८ | २००९ | २००८ | २००९ | २००८ | २००९ | |
| मते % | मते % | मतांमधील फरक | विधानसभा जागा | विधानसभा जागा आघाडी | लोकसभा जागा आघाडी | लोकसभा जागा | |
| भाजप | ३३.९% | ४१.६% | ७.७% | ११० | १४० | १० | १९ |
| कॉंग्रेस | ३४.८% | ३७.६% | २.८% | ८० | ६२ | १४ | ६ |
| जनता दल (ध) | १९.०% | १३.६% | -५.४% | २८ | २२ | ४ | ३ |
| इतर | १२.३% | ७.२% | -५.१% | ६ | ० | ० | ० |
| कर्नाटक | २०१३ | ||
| मते % | विधानसभा जागा | लोकसभा जागा आघाडी | |
| कॉंग्रेस | ३६.६% | १२२ | २२ |
| भाजप | २०.०% | ४० | २ |
| जनता दल (ध) | २०.१% | ४० | ४ |
| कर्नाटक जनता पक्ष | ९.८% | ६ | ० |
| बी.एस.आर कॉंग्रेस | २.७% | ४ | ० |
| इतर | १०.८% | १२ | ० |
| लोकसभा मतदारसंघ | कॉंग्रेस | भाजप | जद(ध) | कजप | बी.एस.आर कॉंग्रेस | इतर | आघाडी पक्ष | आघाडी % | भाजप+कजप+श्रीरामुलू | आघाडी % |
| बागलकोट | ४५.५% | ३७.३% | ७.९% | २.६% | १.१% | ५.६% | कॉंग्रेस | ८.२% | कॉंग्रेस | ४.५% |
| बंगलोर मध्य | ४३.१% | ३४.१% | १३.८% | ३.०% | १.३% | ४.६% | कॉंग्रेस | ८.९% | कॉंग्रेस | ४.६% |
| बंगलोर उत्तर | ४०.६% | २६.१% | २४.८% | २.४% | ०.२% | ५.९% | कॉंग्रेस | १४.५% | कॉंग्रेस | ११.८% |
| बंगलोर ग्रामीण | ३५.०% | १८.१% | ३३.३% | २.९% | ०.२% | १०.६% | कॉंग्रेस | १.७% | कॉंग्रेस | १.७% |
| बंगलोर दक्षिण | ४१.७% | ३६.०% | १३.३% | १.८% | ०.१% | ७.१% | कॉंग्रेस | ५.७% | कॉंग्रेस | ३.८% |
| बेळगाव | २९.१% | ३०.५% | ८.२% | १०.६% | ०.७% | २१.०% | भाजप | १.४% | भाजप | १२.७% |
| बेल्लारी | ३२.५% | १५.१% | १०.७% | ३.७% | २१.४% | १६.६% | कॉंग्रेस | ११.१% | भाजप | ७.७% |
| बिदर | २७.०% | १३.४% | १६.७% | २६.७% | २.७% | १३.५% | कॉंग्रेस | ०.३% | भाजप | १५.८% |
| विजापूर | ३६.३% | १७.१% | २३.६% | ११.९% | १.३% | ९.८% | कॉंग्रेस | १२.७% | कॉंग्रेस | ६.१% |
| चामराजनगर | ३८.६% | ६.१% | १७.१% | २२.४% | ०.६% | १५.२% | कॉंग्रेस | १६.३% | कॉंग्रेस | ९.६% |
| चिकबाळापूर | ३४.४% | २०.१% | २५.०% | १.६% | ०.७% | १८.२% | कॉंग्रेस | ९.५% | कॉंग्रेस | ९.५% |
| चिक्कोडी | ३७.२% | ३७.६% | ८.२% | २.१% | ६.९% | ८.०% | भाजप | ०.४% | भाजप | ९.४% |
| चित्रदुर्ग | ४०.६% | ९.२% | २१.७% | १२.०% | ९.४% | ७.१% | कॉंग्रेस | १८.९% | कॉंग्रेस | ९.९% |
| दक्षिण कन्नड | ४८.७% | ४०.९% | ४.१% | १.०% | ०.०% | ५.३% | कॉंग्रेस | ७.८% | कॉंग्रेस | ६.८% |
| दावणगेरे | ४४.३% | ११.९% | १२.४% | २३.३% | १.५% | ६.५% | कॉंग्रेस | २१.०% | कॉंग्रेस | ७.५% |
| हुबळी-धारवाड | ३७.८% | २८.१% | १५.०% | १३.५% | ०.५% | ५.०% | कॉंग्रेस | ९.६% | भाजप | ४.४% |
| गुलबर्गा | ३७.४% | २१.७% | १४.६% | १७.१% | ०.८% | ८.४% | कॉंग्रेस | १५.७% | भाजप | २.२% |
| हसन | ३३.१% | ३.४% | ४५.६% | ९.७% | ०.९% | ७.३% | जद(ध) | १२.५% | जद(ध) | १२.५% |
| हावेरी | ४३.५% | १५.८% | ३.२% | २१.५% | ६.४% | ९.६% | कॉंग्रेस | २२.०% | भाजप | ०.१% |
| कोलार | २६.४% | ९.१% | ३५.९% | ०.९% | ०.२% | २७.४% | जद(ध) | ९.५% | जद(ध) | ९.५% |
| कोप्पळ | ३८.०% | २१.२% | १३.६% | १०.१% | ११.६% | ५.५% | कॉंग्रेस | १६.८% | भाजप | ४.९% |
| मंड्या | ३२.४% | १.२% | ४२.६% | २.६% | १.०% | २०.२% | जद(ध) | १०.१% | जद(ध) | १०.१% |
| म्हैसूर | ३८.६% | २२.४% | २४.६% | ५.४% | ०.४% | ८.६% | कॉंग्रेस | १४.०% | कॉंग्रेस | १०.४% |
| रायचूर | ३८.०% | १३.९% | २३.८% | १३.६% | ५.०% | ५.६% | कॉंग्रेस | १४.२% | कॉंग्रेस | ५.४% |
| शिमोगा | ३२.४% | १२.९% | २३.७% | २२.५% | ०.७% | ७.८% | कॉंग्रेस | ८.७% | भाजप | ३.७% |
| तुमकूर | २३.६% | १३.२% | ३५.७% | २२.८% | ०.७% | ४.१% | जद(ध) | १२.२% | भाजप | ०.९% |
| उडुपी चिकमागळूर | ४०.४% | ३२.२% | ७.५% | ३.८% | ०.१% | १५.९% | कॉंग्रेस | ८.२% | कॉंग्रेस | ४.३% |
| उत्तर कन्नड | २८.८% | २१.६% | २०.५% | ६.८% | ०.५% | २१.८% | कॉंग्रेस | ७.२% | भाजप | ०.०% |
| एकूण जागा | २८ |
| कॉंग्रेस | १६ |
| भाजप | १० |
| जनता दल(ध) | २ |
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