%1 यांचे लेखन
| प्रकार | शीर्षक | प्रकाशित Sort ascending | प्रतिसाद |
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| काथ्याकूट | फ़ार्मा कंपन्या, मेडिकल रेप्रेझेंटेटिव्ह , औषधे आणि डॉक्टर : काही शंका.. | 23 | |
| जनातलं, मनातलं | काही वादविवाद...("का रे भुललासि " या आमच्याच आगामी दीर्घांकातील एक भाग) | 11 | |
| जनातलं, मनातलं | सर्जनशीलता, लायकी आणि मार्केटिंग......आमच्या नाटकातला एक संवाद | 10 | |
| जनातलं, मनातलं | कादंबरी "शाळा " ...लेखक .. मिलिंद बोकील | 55 |
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