| जे न देखे रवी... |
आगळा अनुराग |
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| जे न देखे रवी... |
ये पावसा ... |
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| जे न देखे रवी... |
सूर्योदय |
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| जे न देखे रवी... |
रक्त त्या डोळ्यातले सांगा पुसावे मी कसे? |
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| जनातलं, मनातलं |
चलो एक बार फिरसे अजनबी बन जाये हम दोनो .... |
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| जनातलं, मनातलं |
केळीचे सुकले बाग .... |
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| जे न देखे रवी... |
लेक... |
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| जे न देखे रवी... |
...... कशाला ? |
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| जे न देखे रवी... |
यारहो ... |
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| जनातलं, मनातलं |
माई री मैं कासे कहूँ पीर अपने जिया की.... |
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