मराठी साहित्य, संस्कृती आणि लेखनाचे व्यासपीठ

शायरी - भाग २

चिनार · · जे न देखे रवी...
लेखनविषय:
काव्यरस
मेरी जिंदगी मे तेरा वजूद कुछ ऐसा है, , के तू नही तो मेरा कोई वजूद नही ! तुझे पाने के ख्वाईश कुछ ऐसी है, , के तू नही तो कोई और ख्वाईश नही ! ! यू तो अकेला ही चला था मै एक राह पर , , हां ! ,तेरे मिलने से राहत मिली अब तेरे ना होने का गम तो नही, , पर सामने देखता हू तो कोई मंजिल भी नही ! ! एक और दिन बीत गया तेरे खयाल मे , एक और शाम ढल गयी तेरी याद मे , अब इस रात से डरता हू , कही ये भी ना गुजर जाये तेरे इन्तेजार मे ! ! एक दिन ,एक शाम, एक रात तो बीत जायेगी , कही सांस न रुक जाये तेरे इन्तेजार मे ! !

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