अगा देवराया | अम्हा खेव द्याया |
अगा देवराया | अम्हा खेव द्याया |
धरिसी या काया | पांघरोनी ||
कितिक विभूति | सर्वत्र जगती |
धरियेल्या वृत्ती | नानाविध ||
कुणा शालजोडी | कुणासी गोधडी |
कुणी ठिगळ जोड़ी | दारिद्रयाचे ||
कुणा मुखी साय | कुणी साही हाय |
कुणा पोटी पाय | क्षुधार्तेने ||
कुणा पुष्प शय्या | कुणा काटे पाया |
कुणा चालावया | पाय नाही ||
असुनी अनाथ | कुणा प्रेम छत्र |
कुणा हाल मात्र | स्वगृहीचे ||
नाना परी अश्या | होती जीव दशा |
सोसताती कैश्या | लेकरे ही ||
असती का सारी | रुपे नाना परी |
हरी लीला करी | मूढ़ आम्ही ||
तूचि घेसी सुख | सोशिसी तू दु:ख |
राव आणि रंक | तूचि होसी ||
ऐश्या नाना कळा | दावितो सकळा |
स्वस्थ हा सावळा | वृन्दावनी ||
हरि सांगे द्वैत | त्यजुनी हे चित्त |
करुनी निभ्रांत | स्थिर व्हावे ||
माझ्या रूप गुणी | लक्ष लावी ध्यानी |
नाम चारी वाणी | सदोदित ||
धरिन मी हात | भवसागरात |
भोगाल अद्वैत | सायुज्याचे ||
-- सागर लहरी २८.११.२००९
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याद्या
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मिसळपाव
ऐश्या नाना
खुपच
आठवण...