होसूर: एक उनाड रविवार (उत्तरार्ध)
आधीचा धागा: होसूर: एक उनाड रविवार (पुर्वार्ध)
पुर्वसुत्रः
….. तिथून गावात जाण्यासाठी शेअररिक्षा मिळाली. त्यात बसून बाजारपेठेत पोहोचलो. आता भूकची वेळ झाली होती. एक साधं पण छानसं हॉटेल पाहून आत शिरलो ….. पुढे
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
हॉटेलात मेन्यूकार्ड बघून स्पेशल थाळी ऑर्डर केली.
मिसळपाव