कोवळीक — विशाल कुलकर्णी, Fri, 06/05/2009 - 12:43 प्रतिक्रिया द्या 1136 वाचन 💬 प्रतिसाद (1) आवडली! क्रान्ति Fri, 06/05/2009 - 18:40 नवीन सुरेख कविता. क्रान्ति ध्यानम् मूलम् गुरुमूर्ति, पूजामूलम् गुरु पदम् मंत्र मूलम् गुरुवाक्यम्, मोक्षमूलम् गुरुकृपा अग्निसखा
आवडली! क्रान्ति Fri, 06/05/2009 - 18:40 नवीन सुरेख कविता. क्रान्ति ध्यानम् मूलम् गुरुमूर्ति, पूजामूलम् गुरु पदम् मंत्र मूलम् गुरुवाक्यम्, मोक्षमूलम् गुरुकृपा अग्निसखा
आवडली!