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कृष्णानुराग संकीर्तन

लेखक सागरलहरी यांनी सोमवार, 22/08/2011 17:08 या दिवशी प्रकाशित केले.
कृष्णानुराग संकीर्तन -- श्रीकृष्ण मोहन, सर्वज्ञान घन, भक्त पूजित, श्याम मोहन | रास-क्रीडा , रचित वल्लभ, गोप गोपी जन, प्रिय मोहन || सर्व तुष्टीकर, सर्व पुष्टीकर, धेनु वत्सल, गोप मोहन | जगत चालक, भक्त भावन, जगत पोषण, मुरली मोहन || भवताप भंजन, लोक रंजन पाप नाशन, प्रेम मोहन | कृष्ण कृपाकर, मोक्ष दायक वैकुंठ नायक, विश्व मोहन || -- सागर लहरी २२-८-२०११
काव्यरस
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