शिळा घास होता म — मयुरेश साने, Wed, 01/26/2011 - 18:29 प्रतिक्रिया द्या 1846 वाचन 💬 प्रतिसाद (5) वॉव ! आवडेश............. नरेशकुमार Wed, 01/26/2011 - 18:48 नवीन वॉव ! आवडेश............. अहाहा क्या बात हे स्पा Wed, 01/26/2011 - 18:55 नवीन अहाहा क्या बात हे वाह वा! क्या बात है! अशा प्राजु Wed, 01/26/2011 - 20:03 नवीन वाह वा! क्या बात है! अशा कायद्याला कुणी भीक घाला ? स्वतः न्याय केला ! सुरा पास होता जबरदस्त!! :) हा जबरदस्त कच्ची कैरी Wed, 01/26/2011 - 20:10 नवीन हा जबरदस्त फंडा करलो दिमाग ठंडा ! मस्त! दैत्य Wed, 01/26/2011 - 20:58 नवीन सुंदर कविता....! मोजक्या शब्दांत पण अतिशय प्रभावी...
वाह वा! क्या बात है! अशा प्राजु Wed, 01/26/2011 - 20:03 नवीन वाह वा! क्या बात है! अशा कायद्याला कुणी भीक घाला ? स्वतः न्याय केला ! सुरा पास होता जबरदस्त!! :)
वॉव ! आवडेश.............
अहाहा क्या बात हे
वाह वा! क्या बात है! अशा
हा जबरदस्त
मस्त!