नवीन प्रतिक्रिया
| साहित्य प्रकार | शीर्षक | लेखक | प्रतिक्रिया शीर्षक | प्रतिक्रिया लेखक |
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| जनातलं, मनातलं | मराठी आंतरजालीय साहित्यिक! | विसोबा खेचर | हीट लिस्ट | सहज |
| जनातलं, मनातलं | शाहीर ते शाहीर ! | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | मास्तरांनु | चिपलूनचा बाल्या |
| जनातलं, मनातलं | शाहीर ते शाहीर ! | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | छान लेख | नाना फडणवीस |
| जनातलं, मनातलं | शाहीर ते शाहीर ! | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | वा वा | धोंडोपंत |
| जनातलं, मनातलं | गणपती बाप्पा मोरया! | विसोबा खेचर | साधे सोपे शब्द आणि लयबद्ध चाल! | प्रमोद देव |
| जे न देखे रवी... | ऎसा खत में लिखो | पंकज | अशीच एक कविता. | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे |
| जे न देखे रवी... | ऎसा खत में लिखो | पंकज | हे कोण कोणाला उद्देशून म्हणत अाहे? | जगन्नाथ |
| जनातलं, मनातलं | संस्कृती.. | मिसळपाव पंचायत समिती | श्रीगणेशा | जगन्नाथ |
| जनातलं, मनातलं | संस्कृती.. | मिसळपाव पंचायत समिती | सहमत.. | विसोबा खेचर |
| जनातलं, मनातलं | संस्कृती.. | मिसळपाव पंचायत समिती | श्रीगणेशा | नंदन |
| जनातलं, मनातलं | शाहीर ते शाहीर ! | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | आभारी ! | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे |
| जनातलं, मनातलं | शाहीर ते शाहीर ! | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | http://www.powade.com/ | पंकज |
| जनातलं, मनातलं | गणपती बाप्पा मोरया! | विसोबा खेचर | नंदनशेठ, दे धम्माल गाणं..:) | विसोबा खेचर |
| काथ्याकूट | पुजा अर्चा | कौटील्य | कसा गावणार ? | कौटील्य |
| काथ्याकूट | पुजा अर्चा | कौटील्य | गावला नाही.. | विसोबा खेचर |
| जे न देखे रवी... | घाटातली पायवाट | धनंजय | प्रकाटाआ | संपादक मंडळ |
| जनातलं, मनातलं | गणपती बाप्पा मोरया! | विसोबा खेचर | वा सही! | गुंडोपंत |
| जनातलं, मनातलं | गणपती बाप्पा मोरया! | विसोबा खेचर | बाप्पा मोरया रे | नंदन |
| जनातलं, मनातलं | शाहीर ते शाहीर ! | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | संगीत आणि वीररस ;) | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे |
| जनातलं, मनातलं | शाहीर ते शाहीर ! | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | असेच | आजानुकर्ण |
मिसळपाव