शब्द .. शब्द .. शब्द .. — विदेश, Sat, 07/28/2012 - 19:10 शब्दांच थैमान डोक्यातल्या कप्प्यातून घुटमळतात शब्द तेच मनांत कधीपासून - डोकावतात संधी साधत बेटे लेखणीतून घरंगळत पहुडतात कागदावर कविता बनून ! प्रतिक्रिया द्या 1224 वाचन 💬 प्रतिसाद (3) (No subject) कवितानागेश Sat, 07/28/2012 - 19:18 नवीन :) व्वाह... ! धरम>>>वीरू मोड अत्रुप्त आत्मा Sat, 07/28/2012 - 21:23 नवीन व्वाह... ! धरम>>>वीरू मोड ऑन>>>''एक कवी का हाल, दुसरा कवीही जान सकता है'' <<<धरम<<<वीरू मोड ऑफ ;-) झक्कास्स्स पक पक पक Sat, 07/28/2012 - 22:06 नवीन झक्कास्स्स :)
व्वाह... ! धरम>>>वीरू मोड अत्रुप्त आत्मा Sat, 07/28/2012 - 21:23 नवीन व्वाह... ! धरम>>>वीरू मोड ऑन>>>''एक कवी का हाल, दुसरा कवीही जान सकता है'' <<<धरम<<<वीरू मोड ऑफ ;-)
(No subject)
व्वाह... ! धरम>>>वीरू मोड
झक्कास्स्स