| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - ......फूल/ पिस्तूल ठेविले. |
साहित्य संपादक |
| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - चौक |
साहित्य संपादक |
| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - मुखवटे |
साहित्य संपादक |
| तंत्रजगत |
क्रॉम्टन Energion HS सिलींग फॅन: समीक्षा (BLDC Ceiling Fan Product Review) |
पाषाणभेद |
| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - आपलं माणूस |
साहित्य संपादक |
| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - पोहे मात्र सुरेख झाले |
साहित्य संपादक |
| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - बिअर मात्र सुरेख होती |
साहित्य संपादक |
| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - भुंगा |
साहित्य संपादक |
| जनातलं, मनातलं |
...घे जगून ! |
सस्नेह |
| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - येवून जा जराशी.. |
साहित्य संपादक |
| जनातलं, मनातलं |
राजयोग - १६ |
रातराणी |
| काथ्याकूट |
अॅम्ब्युलन्स उपलब्धतेच्या समस्या (माहितीच्या देवाणघेवाणीसाठी धागा) |
माहितगार |
| जे न देखे रवी... |
वळण |
प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे |
| जनातलं, मनातलं |
लॉकडाऊन सुरु आहे. - भाग १ - बारावीचा निकाल वर्ष १९९५ |
श्रीकांतहरणे |
| जनातलं, मनातलं |
कृतघ्न -6 |
बाप्पू |
| जे न देखे रवी... |
कोण जमूरा कोण मदारी.. |
सेफ्टीपिन |
| जे न देखे रवी... |
पाऊसवेळा |
कौस्तुभ भोसले |
| जनातलं, मनातलं |
लॉक्ड इन : आयुष्यातली एक अपूर्व संधी ! |
संजय क्षीरसागर |
| तंत्रजगत |
पदार्थ जडरूप (मॅटर) असो वा ऊर्जारूप (एनर्जी), प्रकाश कायमच सोबतीला असतो.. (e = m. c^2) |
अनिकेत कवठेकर |
| जे न देखे रवी... |
गणितं.. |
मन्या ऽ |
| जनातलं, मनातलं |
लॉकडाऊन सुरु आहे. - भाग १ - बारावीचा निकाल वर्ष १९९५ |
श्रीकांतहरणे |
| जनातलं, मनातलं |
लॉकडाऊन सुरु आहे. |
श्रीकांतहरणे |
| जे न देखे रवी... |
मागे वळुन पाहताना.. |
मन्या ऽ |
| जे न देखे रवी... |
हसण्या उसंत नाही |
कौस्तुभ भोसले |
| जनातलं, मनातलं |
वासुकाका |
अभिबाबा |
| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - उत्कंठा |
साहित्य संपादक |
| जनातलं, मनातलं |
शूद्दलेकन. |
आजी |
| जे न देखे रवी... |
ती अन् पाऊस.. |
मन्या ऽ |
| जे न देखे रवी... |
त्या स्वप्नांना.. |
मन्या ऽ |
| जनातलं, मनातलं |
'तंबोरा' एक जीवलग - ९ |
गौरीबाई गोवेकर नवीन |