| भटकंती |
कोळेश्वर ट्रेक १९.०९.२१ (जांभळी गावाकडून) |
Vivek Phatak |
| भटकंती |
कोळेश्वर ट्रेक १९.०९.२१ (जांभळी गावाकडून) |
Vivek Phatak |
| भटकंती |
कोळेश्वर ट्रेक १९.०९.२१ (जांभळी गावाकडून) |
Vivek Phatak |
| भटकंती |
कोळेश्वर ट्रेक १९.०९.२१ (जांभळी गावाकडून) |
Vivek Phatak |
| भटकंती |
कोळेश्वर ट्रेक १९.०९.२१ (जांभळी गावाकडून) |
Vivek Phatak |
| भटकंती |
कोळेश्वर ट्रेक १९.०९.२१ (जांभळी गावाकडून) |
Vivek Phatak |
| काथ्याकूट |
अल्ला देवे ,अल्ला दिलावे , अल्ला दारू (दाता) अल्ला खिलावे|अल्ला बिगर नही कोय अल्ला करे सोही होय | |
srahul |
| स्पर्धा |
शशक'२०२२ - उल्का |
साहित्य संपादक |
| जनातलं, मनातलं |
दोसतार - पुस्तक |
विजुभाऊ |
| जे न देखे रवी... |
मुक्तक |
सागरसाथी |
| भटकंती |
अरबी समुद्राची राणी |
पराग१२२६३ |
| जनातलं, मनातलं |
सिलींडर वाला |
नीलकंठ देशमुख |
| काथ्याकूट |
युक्रेन युद्ध - आढावा |
साहना |
| जनातलं, मनातलं |
5 मे |
नगरी |
| काथ्याकूट |
नॉर्डिक देशांशी जवळीक |
पराग१२२६३ |
| जनातलं, मनातलं |
वाया जाण्याच्या आधीच्या गोष्टी |
पाटिल |
| भटकंती |
जोगाई सभामंडप लेणी (हत्तीखाना) - अंबाजोगाई. |
टर्मीनेटर |
| जनातलं, मनातलं |
माझी राधा - ४ |
विजुभाऊ |
| जनातलं, मनातलं |
'गोम' ह्या कथेविषयी काही |
भागो |
| जनातलं, मनातलं |
रांगो - एक विलक्षण ऍनिमेटेड कथा |
साहना |
| दिवाळी अंक |
दक्षिण गोव्यात, वेताळांच्या राज्यात |
प्रचेतस |
| जनातलं, मनातलं |
जिवंत पण जाणीवरहित |
हेमंतकुमार |
| जनातलं, मनातलं |
ती २५ तारीख |
शानबा५१२ |
| भटकंती |
दोन क्षण विरंगुळ्याचे - पानशेत |
मालविका |
| जनातलं, मनातलं |
गोम. |
भागो |
| जनातलं, मनातलं |
मी, मराठी आणि माझं मराठी असणं |
जे.पी.मॉर्गन |
| जे न देखे रवी... |
(थू) |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| काथ्याकूट |
रॅट रेस |
कर्नलतपस्वी |
| काथ्याकूट |
बोलाचीच कढी आणि बोलाचाच भात .... |
मुक्त विहारि |
| भटकंती |
कॅवलरी टँक म्युझियम (रणगाडा संग्रहालय) - अहमदनगर |
टर्मीनेटर |