अगर
अगर तुम साथ देते तो
आशियाँ हम सजा देते,
यूँ बिखरी सी ज़िन्दगी को
हम जीने की वजह देते.
समज़ ये हम को भी है की
हमारे तुम नहीं लेकिन,
समज़ दिल को भी होती तो,
हमसफर गम नही होते.
- नेता
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वाचनखूण
प्रतिक्रिया
3
मगर नंतर "अता" अगरही फेमस
मिपा वर मराठ्येतर भाषांतील
बाकी, समज़ असा शब्द चुकीचा