मराठी साहित्य, संस्कृती आणि लेखनाचे व्यासपीठ

दिल की बाते

अनाहूत · · जे न देखे रवी...
लेखनविषय:
खुद को आईने में देखकर जरूर इतराना जिनके हम जैसे दिवाने होते है उनका खुदपर गुरूर करना लाजमी है और हाँ खुबसुरत तो तुम हो ही पर आज तो रोजसे ज़ादा हसीन दिख रही हो क्या करू प्यार ही इतना है के तुझे देखे बिना तेरा चेहरा पढ लेता हूँ इसका मतलब ये ना समझ लेना की तुझे देखे बिना ही खुश हूँ मेरी तो हर सुबह तेरा चेहरा देख कर ही शुरू होती है और तेरा चेहरा देख कर ही सो पाते है हम चैन से मेरा प्यार है तू हमेशा मुस्कुराती रहना तेरा मुस्कुराता चेहरा जीने की वजह है मेरी कभी तेरे चेहरे पे मायूसी ना आने देना मेरी जीने की वजह को मिटने ना देना हा तुझे गुस्सा देता रहूँगा बार बार क्या करू ऐसे ही बहुत हसीन हो पर गुस्से में तो तुम कयामत लगती हो

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