आभासी उपकरणन-२
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राजश्रिया विराजित, अखंडित लक्ष्मी अलंकृत, सकल राजकार्य धुरंधर, प्रौढ़ प्रतापवंत, समरधुरंधर, सकल गुणऐश्वर्यसंपन्न, मोक्षश्रियाविराजित अर्थशास्त्रसंपन्न दानाध्यक्ष ,सकल विद्यालंकृत, न्यायशास्त्रसंपन्न, राष्ट्रवादी विश्वासनिधि श्री श्री श्री सम्राटभाउ मोझे यांस,
साष्टांग दंडवत,
पत्र लिहिणेस कारण की,
गेले काही दिवस आपली सुहास्य व