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अगर

लेखक नेताजी बोराडे यांनी गुरुवार, 26/03/2015 17:44 या दिवशी प्रकाशित केले.
अगर तुम साथ देते तो आशियाँ हम सजा देते, यूँ बिखरी सी ज़िन्दगी को हम जीने की वजह देते. समज़ ये हम को भी है की हमारे तुम नहीं लेकिन, समज़ दिल को भी होती तो, हमसफर गम नही होते. - नेता
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