ढाण्या वाघ सुटला
आया रे आया रे
आया आरे आया रे
आया रे आया बॉडीगार्ड...
दुख भरे दिन बीते रे भईया, अब सुख आयो रे..
ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का इस देश मे यारो..
लोकहो,
आनंदाने नाचा, गा. आज बब्बर शेर बाहेर येणार.
कृष्ण भगवान को भी जेल कि दीवारें कभी रोक नही पायी. एकेक करते सभी ताले टुटते गये.. भईया, उसी कृष्ण यादव का ललवा भी उसी नक्शेकदम पे चलके बाहर आया है. जेठ राम थे साथ में. उन्होंने भी अपना चमत्कार दिखाया और ललवा ने भी. इन्ही चमत्कारी सिद्ध पुरुषों के हाथ मे देश का भविष्य सुरक्षित है ! अब आवो तो जरा तनिक मैदान मे.. ए राबडी, बहुत काम है, जरा सत्तु का डिब्बा ले के आओ.
वाचन
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