| काव्य |
घरी जाताना |
शिव कन्या |
| काव्य |
मृगजळ... |
एक एकटा एकटाच |
| काव्य |
तरीसुद्धा ... |
पद्मश्री चित्रे |
| काव्य |
मत्कविता चालली ही! |
पदकि |
| काव्य |
ढ |
वेल्लाभट |
| काव्य |
मि ही निळा रंग निळा,रंगांच्या बहुत कळा |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
तुम्ही अनावर व्हा.... |
शिव कन्या |
| काव्य |
उंच भरारी घे पाखरा |
shrivallabh Panchpor |
| काव्य |
एके दिवशी |
shrivallabh Panchpor |
| काव्य |
पाऊस खच्चुनी हा "अत्ता" कशास देवा??? |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
माहेरपण..... |
चुकलामाकला |
| काव्य |
आग |
अवतार |
| काव्य |
रूसली ही पोर .. |
सांजसंध्या |
| काव्य |
तुकाराम होणे |
देवदत्त परुळेकर |
| काव्य |
कातरवेळ...... |
एक एकटा एकटाच |
| काव्य |
भग्न अवशेष |
कहर |
| काव्य |
वेड तिच्या प्रीतीचे…… |
निनाद जोशी |
| काव्य |
सावल्यांनी पोळलो आहे इथे मी ... |
drsunilahirrao |
| काव्य |
कागाळी |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
पळ पळ राधे, आला कान्हा घेऊन ग पिचकारी - |
विदेश |
| काव्य |
ती मात्र ............ |
एक एकटा एकटाच |
| काव्य |
पाऊस....तो .... |
psajid |
| काव्य |
तुझा प्रवास सुखाचा होवो |
निनाद जोशी |
| काव्य |
प्रेमाचे हाय कू (?) |
विवेकपटाईत |
| काव्य |
निष्पर्ण |
शब्दबम्बाळ |
| काव्य |
अवेळी असे मेघ दाटून येता..... |
चुकलामाकला |
| काव्य |
नये |
शिव कन्या |
| काव्य |
चाकोरिबद्ध आयुष्य नकोय मला! |
ज्योति अळवणी |
| काव्य |
ऐ....चल न.... |
ज्योति अळवणी |
| काव्य |
घर घर की काहानी |
ज्योति अळवणी |