नवीन प्रतिक्रिया
| साहित्य प्रकार | शीर्षक | लेखक | प्रतिक्रिया शीर्षक | प्रतिक्रिया लेखक |
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| काव्य | सहज मात्र | श्वेता२४ | @कांदा लिंबू | श्वेता२४ |
| काव्य | सहज मात्र | श्वेता२४ | @मारवा @प्रा.डॉ. | श्वेता२४ |
| काव्य | सहज मात्र | श्वेता२४ | धन्यवाद पैजारबुवा | श्वेता२४ |
| काव्य | (( सहज मात्र )) | श्रीगुरुजी | 😆 काय हे गुरुजी | श्वेता२४ |
| काव्य | ( सहज मात्र ) | कर्नलतपस्वी | भारी जमलंय की | श्वेता२४ |
| काव्य | सहज मात्र (त्याच्या दृष्टीतून) | कांदा लिंबू | वा! कांदा लिंबू जी | श्वेता२४ |
| काव्य | सहज मात्र | श्वेता२४ | मस्तच! | श्वेता व्यास |
| काव्य | ( सहज मात्र ) | कर्नलतपस्वी | वा वा, मस्त जमवलंय. | श्रीगुरुजी |
| काव्य | (( सहज मात्र )) | श्रीगुरुजी | मिपाखरं शॉक्स्, श्रीगुरुजी… | कांदा लिंबू |
| काव्य | सहज मात्र | श्वेता२४ | तिचं भावविश्व हळुवारपणे प्रकट करणारी कविता... | कांदा लिंबू |
| काव्य | सहज मात्र | श्वेता२४ | छान. | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे |
| काव्य | सहज मात्र | श्वेता२४ | सुंदर innocent कविता आहे. | मारवा |
| काव्य | (( सहज मात्र )) | श्रीगुरुजी | 🤓 | श्रीगुरुजी |
| काव्य | (( सहज मात्र )) | श्रीगुरुजी | 2 Bad,गुरूजी... | कर्नलतपस्वी |
| काव्य | सहज मात्र | श्वेता२४ | सुरेख | ज्ञानोबाचे पैजार |
| चर्चा | आंदोलन मृत झाले | श्रीगुरुजी | बगळ्याने शेपुट घातली हे… | चौथा कोनाडा |
| काव्य | सहज मात्र | श्वेता२४ | 😂 मस्तच कर्नलसाहेब | श्वेता२४ |
| काव्य | सहज मात्र | श्वेता२४ | दुरूस्ती | कर्नलतपस्वी |
| भटकंती | वेरूळ: भाग ८ - बौद्ध लेणी (तीन ताल व दोन ताल) | प्रचेतस | हाहा! जाऊयात सहल काढून एखादी! | अमरेंद्र बाहुबली |
| काव्य | सहज मात्र | श्वेता२४ | सहज | कर्नलतपस्वी |
मिसळपाव