भारत एक खोज
भरपूर वर्षांपूर्वी भारत एक खोज ही मालिका नेमाने पहायचो.
तेव्हाचे ते टायटल चे मंत्र जाम आवडायचे आम्हाला.
मायाजालावर आम्हाला ते मिळाले ... वाटले मिसळपावकरांबरोबर वाटून घ्यावा हा आनंद...म्हणून आम्ही लिव्हले हाय...
गोड मानून घ्या.
नासदासीन नो सदासीत तदानीं नासीद रजो नो वयोमापरो यत |
किमावरीवः कुह कस्य शर्मन्नम्भः किमासीद गहनं गभीरम ||
सृष्टि से पहले सत नहीं था
असत भी नहीं
अंतरिक्ष भी नहीं
आकाश भी नहीं था
छिपा था क्या, कहाँ
किसने ढका था
उस पल तो
अगम अटल जल भी कहां था
सृष्टि का कौन है कर्ता?
कर्ता है या है विकर्ता?
ऊँचे आकाश में रहता
सदा अध्यक्ष बना रहता
वही सचमुच में जानता
या नहीं भी जानता
है किसी को नही पता
नही पता
नही है पता
नही है पता
वो था हिरण्य गर्भ सृष्टि से पहले विद्यमान
वही तो सारे भूत जाति का स्वामी महान
जो है अस्तित्वमान धरती आसमान धारण कर
ऐसे किस देवता की उपासना करें हम हवि देकर
जिस के बल पर तेजोमय है अंबर
पृथ्वी हरी भरी स्थापित स्थिर
स्वर्ग और सूरज भी स्थिर
ऐसे किस देवता की उपासना करें हम हवि देकर
गर्भ में अपने अग्नि धारण कर पैदा कर
व्यापा था जल इधर उधर नीचे ऊपर
जगा चुके व एकमेव प्राण बनकर
ऐसे किस देवता की उपासना करें हम हवि देकर
ऊँ! सृष्टि निर्माता, स्वर्ग रचयिता पूर्वज रक्षा कर
सत्य धर्म पालक अतुल जल नियामक रक्षा कर
फैली हैं दिशायें बाहु जैसी उसकी सब में सब पर
ऐसे ही देवता की उपासना करें हम हवि देकर
ऐसे ही देवता की उपासना करें हम हवि देकर
--- परीचा परा ---
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प्रतिक्रिया
10
भारत एक खोज
In reply to भारत एक खोज by हर्शल
लई बेस काम केलंत..
आवडले.
सूक्त
In reply to सूक्त by रामदास
चांग्ल्या कामासाठी वाट पाहू नये.
टंकचूक (टायपिंग मिस्टेक)
......
In reply to ...... by इनोबा म्हणे
वा!
सुंदर..
धन्यवाद !