किती बार बोला मत पी, मत पी.. ऐकताइच नई ये...
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किती बार बोला - मत पी, मत पी.. ऐकताइच नई है...
"खाना खाना के बाद आधा घंटा रुकने को बोला बुढ्ढा लोगने... बादमें पानी पीने का... ये सुनताईच नहीं।"
"पेट में बैठा लोग को तकलीप होता भाय... हररोज नया हाटेल में मेनू कार्ड पकडकर साला उलटा सीधा खाता है... हज़म कैसा करायेंगे हम लोक... दो घास के बाद पानी पीता, कोक मूं लगाता, फिर पिझा के टुकडे मूं में ढकलताए... ठीकसे चबाता भी नही...फिर पीता ए...
अपनके साथ अब नही जमता... जूस बनाना फिर मिक्स मार के डायजष्ट कराना पडता ..
डॉक्टर के पास भी भेजा, हार्टभाई को भी मंजूर नही पडेला है... उसने बोला, "उसके उप्पर भी बड़ा प्रेशर पडेला है, धक्का मार मार कर वो काम चला रहा है, बोला अब नही मानता तो उसका नाडी गडबड करेगा. ठोका नही पडेगा तो फिर दौडने दो साले को.. "
" उसका बाप बोलता था, खाना खाते समय पानी पीनेका नही... अद्धा घंटा रुकने के बाद खूप पीनेका.. एकदम सही था... "
" चल चल, काम पर लगा रह.. "
दुसर्या डायजेस्टीव्ह जूसनी आपापसांत म्हटले... छोट्या आतड्याचा टोलनाका जवळ आलेला पाहून दोघेही पुढच्या घासाच्या कामात " घुल-मिलने लगे... "
प्रतिक्रिया
जेवताना पाणी पिऊ नये. हे खरे
जेवताना पाणी पिऊ नये! का?
अप्रतिम!
हम नहीं सुधरेंगे....
ऐसी लँग्वेज मे पढाई कि किताब
लगे रहो मुन्ना भाई.....
काका कहर.... :) :):)
आप की तकलीप
अरें अंकल... ये होञंलाय क्या आपको ?
धन्या भाइ! कै कहीं...
प्साय्कोलोजिकल डिसोर्डर ?
अरे अंकल समजने वाले को इशारा काफी है...!
कितनी बार मार खायेगा रे... बस अब लास्ट चानस है, सुधर जा...
कितनी बार मार खायेगा रे... बस अब लास्ट चानस है, सुधर जा...
कितनी बार मार खायेगा रे... बस अब लास्ट चानस है, सुधर जा...
कितनी बार मार खायेगा रे... बस अब लास्ट चानस है, सुधर जा...
अबे चार बार लिखा उप्पर, कितनी बार लिखूं सुधर जा बेटे...
जेवताना पाणी पिऊ नये हि खरी
रोज 69ml
अबे पांच बार लिखा उप्पर, कितनी बार लिखूं सुधर जा बेटे...
विराट, तेरे पैले भी बड़ी बड़ी
काही त्रास होतोय का तुम्हाला
होय हो
मन यॉडलं यॉडलं बघा मन यॉडलं यॉडलं....
शीर्षक आले छापून पण कॉमेंट काही वेळा नंतर पुन्हा प्रयत्न करा...